5 गोल्डन रूल ऑफ Ratan TaTa, जो आपको सफल बनाएंगे

आज हमारे देश में रतन टाटा जी के बारे में ना जानता हो ऐसा शायद ही कोई होगा। आज टाटा कंपनी कामयाबी की जिन बुलंदियों को छू रही है उसको इस ऊंचाई तक पहुंचाने में रतन टाटा का बहुत अहम योगदान रहा है।और यही वजह है कि उन्हें हमारे देश के सबसे कामयाब लोगों में शुमार किया जाता है। आज हमारे देश के बहुत से लोग उन्हें अपना आदर्श मानकर उनके नक्शे कदम पर चलने की भी कोशिश करते हैं। अब अगर आप भी रतन टाटा को फॉलो करके उनकी तरह ही कामयाबी हासिल करना चाहते हैं तो फिर यह लेख आपके लिए काफी हेल्पफुल साबित हो सकती है। आइए जानते हैं रतन टाटा से जुड़े 5 गोल्डन रूल्स जो आप अपने जीवन में उतार कर सफलता पा सकते हैं।

1. कड़ी मेहनत से गलत डिसीजन को सही साबित करो।

दोस्तों कारोबार चाहे जो भी हो उसने प्रॉफिट और लॉस दोनों ही होते रहते हैं लेकिन अपने बिजनेस को बड़ा करने और अपने लाइफ में कामयाबी हासिल करने के लिए यह बहुत जरूरी होता है कि हम अपने लक्ष्य को हासिल करने की तरफ हमेशा ही दृढ़ रहे क्योंकि मेहनत और लगन से काम करके गलत डिसीजन को भी सही बनाया जा सकता है और यह चीज हमें रतन टाटा जी के अंदर बहुत ही ज्यादा देखने को मिलती है इसके बारे में वह खुद कहते हैं कि मैं सही निर्णय लेने में विश्वास नहीं करता बल्कि मैं पहले निर्णय लेता हूं और फिर बाद में अपनी मेहनत से उन्हें सही साबित करके दिखा था अब तो हर एक इंसान लेता है लेकिन इंपॉर्टेंट होता है गलत फैसले को सुधारने के लिए क्या करते हैं।

2. जीवन व्यवहार में विनम्र स्वभाव रखना।

इंसान के अच्छा होने की सबसे बड़ी निशानी उसके स्वभाव का विनम्र होना ही होता है दरअसल हर एक इंसान के लिए या जरूरी होता है कि लाइफ में कामयाबी हासिल करने के साथ ही वह अपने स्वभाव को भी विनम्र रखें और हमेशा जमीन से जुड़ा रहे क्योंकि जो लोग जरा सी कामयाबी मिलने पर हवा में उड़ने लगते हैं उनको वापस नीचे गिरने में ज्यादा समय नहीं लगता और हमारे भारत में जब हम्बल लोगों की बात होती है तो फिर उसमें रतन टाटा जी का नाम ही सबसे ऊपर आता है क्योंकि लाइफ में इतनी कामयाबी हासिल करने के बावजूद उन्होंने कभी भी अपनी सिंपलीसिटी को खत्म नहीं होने दिया और यह उनके व्यक्तित्व की सबसे बेहतरीन खूबियों में से एक है वह हमेशा अपने पांव जमीन पर रखते हैं और खुद से भी पहले दूसरे लोगों की परेशानियों को हल करते हैं।

3. खुद पर विश्वास रखना।

कोई भी इंसान अपनी लाइफ में तभी कामयाब हो पाता है जब उसको खुद पर और अपने लिए हुए फैसलों पर पूरा विश्वास होता है। क्योंकि अगर किसी इंसान को अपने ऊपर ही विश्वास नहीं होगा तो फिर वह कोई भी डिसीजन सही से नहीं ले पाएगा और हो सकता है कि दूसरे लोगों को भी आपके लिए हुए डिसीजन समझ में ना आए लेकिन अगर आपको खुद पर पूरा भरोसा है तो फिर आप उन लोगों को भी गलत साबित कर सकते हैं। उदाहरण के लिए रतन टाटा जी ने भी अपनी लाइफ में बहुत सारे ऐसे फैसले लिए हैं जिन्हें कि दूसरे लोग बेवकूफी भरे डिसीजंस मानते थे लेकिन रतन टाटा को खुद पर पूरा विश्वास था और उन्होंने दूसरों की सोच की परवाह किए बिना खुद ठीक लगा वही किया और फिर बाद में अपनी मेहनत से उन्होंने अपने गलत फैसलों को सही साबित करके दिखाया कि जो लोग बताते थे उल्टा उन्हें गलत साबित कर दिया। इंसान को खुद पर यकीन हो तो फिर जिंदगी में कुछ भी हासिल कर सकता है।

4. सबको साथ लेकर चलना।

दोस्तो कहते हैं कि लाइफ में वही इंसान आगे बढ़ पाता है जो सबको साथ लेकर चलता है। क्योंकि अकेला इंसान सिर्फ एक हद तक आगे जा सकता है और फिर उसके बाद आगे जाने के लिए उसको दूसरे लोगों की मदद लेनी ही पड़ती है। दुनिया का कोई भी इंसान अकेले के दम पर सब कुछ नहीं कर सकता। इस लिए जो व्यक्ति दूसरों की मदद लेना और सबके साथ चलना जानते हैं वहीं कामयाबी की बुलंदियों को छू पाते हैं। दुनिया का कोई भी इंसान अकेले के दम पर सब कुछ नहीं कर सकता इसीलिए जो व्यक्ति दूसरों की मदद लेना और सबके साथ चलना जानते हैं वहीं कामयाबी की बुलंदियों को छू पाते हैं इसके बारे में रतन टाटा जी कहते हैं कि अगर तुम तेज चलना चाहते हो तो फिर अकेले चलो लेकिन अगर तुम दूर तक चलना चाहते हो तो फिर सबको साथ लेकर चलो असल में रतन टाटा इस बात को बहुत अच्छी तरह से समझते हैं कि वह अपने अकेले के दम पर सब कुछ नहीं कर सकते इसीलिए वह दूसरे लोगों से मदद लेने में भी बिल्कुल भी संकोच नहीं करते यह एक कामयाब इंसान की निशानी होती है।

5. सुबह में जल्दी उठना

दुनिया के ज्यादातर सफल लोगों की तरह ही रतन टाटा भी उन लोगों में से एक है जो रात में जल्दी सोते हैं और सुबह में जल्दी उठ जाते हैं। कुछ सोर्सेस तो यह भी बताती हैं कि जब रतन टाटा जी कंपनी के चेयरमैन हुआ करते थे तब जरूरी मीटिंग सुबह के 6:00 बजे ही रखा करते थे लेकिन उनका ऐसा मानना था कि कोई भी जरूरी काम करने के लिए सुबह का समय ही बेस्ट होता है अब आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि अगर वह मीटिंग 6:00 बजे रखते थे तो फिर जागते किस समय होगै। असल में सुबह जल्दी उठने से ना सिर्फ इंसान तरोताजा महसूस करता है बल्कि इससे उसकी प्रोडक्टिविटी भी काफी बढ़ जाती है। इसीलिए दुनिया भर के ज्यादातर कामयाब लोग सुबह में जल्दी उठना ही पसंद करते हैं।

5 गोल्डन रूल ऑफ Ratan TaTa, जो आपको सफल बनाएंगे

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